“जागते रहो!” : प्रोपगंडा के हथकंडे

आजकल की तेज रफ़्तार ज़िन्दगी में हम सब कुछ जल्दी में निपटा देना चाहते हैं| पर सूचना को जल्दी में ग्रहण करना हमें प्रोपगंडा की तरफ धकेल सकता है| इस लेख में हम चर्चा करते हैं कि कैसे हमारे दिमाग की संरचना के कारण हम प्रोपगंडा में फंस सकते हैं| सरल उदाहरणों से देखिये कि प्रोपगंडा के कौन कौन से तरीके हैं| अंततः प्रोपगंडा से बचने के उपाय पर हमारी छोटी से पहल|

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